Javed Akhtar Shayari

Nice lines by Javed Akhtar Sahab.      ज़िन्दगी  के इस  कश्मकश  मैं      वैसे तो  मैं  भी काफ़ी बिजी  हुँ ,      लेकिन  वक़्त  का  बहाना  बना कर , अपनों  को भूल जाना मुझे आज भी नहीं आता ! जहाँ यार याद न आए वो तन्हाई किस काम की, बिगड़े रिश्ते न बने तो खुदाई