मैँ आपका शिष्य कल्लन बोल रहा हूँ

Mukesh Singh: गुरू जी नमस्ते! पहचाना..?? . मैँ आपका शिष्य कल्लन बोल रहा हूँ। . ”अरे ! कल्लन कैसे हो तुम ?? आज इतने सालो बाद मेरी याद कैसे आ गई ?? . …और मेरा फोन नम्बर कैसे मिल गया??” . गुरूजी ! फोन नम्बर ढ़ुंढ़ना कौन सा मुश्किल था ? जब प्यासे को प्यास