पापा: दिल को छुये तो दाद दीजियेगा!

बड़े गुस्से से मैं घर से चला आया…इतना गुस्सा था की गलती से पापा के जूते पहने गए… मैं आज बस घर छोड़ दूंगा…और तभी लौटूंगा जब बहुत बड़ा आदमी बन जाऊंगा… जब मोटर साइकिल नहीं दिलवा सकते थे, तो क्यूँ इंजीनियर बनाने के सपने देखतें है… आज मैं पापा का पर्स भी उठा लाया