एक शायरी अपने ग्रुप के लिए

एक शायरी अपने ग्रुप के लिए……

शरीफों में कोई चोर नहीं होता,
ख्वाबों में कोई और नहीं होता,
लाइब्रेरी में कोई शोर नहीं होता,
सावन में आजकल ‘मोर’ नहीं होता,
धंधे में कोई १००% प्योर नहीं होता,
अपनी बीवी पे आजकल जोर नहीं होता,
पर एक बात की गारंटी है..
हमारे ग्रुप में जो रहे वो
लाइफ में कभी बोर नहीं होता…….