आत्महत्याएं दो तरह की होती हैं

आत्महत्याएं दो तरह की होती हैं !

पहली (तेज और आसान) :
गले में रस्सी डालो और पंखे से लटक जाओ !

दूसरी (धीमी और दर्दनाक) :
गले में वरमाला डालो और ज़िन्दगी भर लटके रहो !

Dedicated to all Males who are married – “Keh Do Samunder Se Mujhe Jarurat Nahi Un Lehro Ki… . . . Bas…Ek biwi Hi Kafi Hai Zindagi Me Toofan Lane Ke Liye…”